मुख्य सचिव अवनि वैश्य ने आज यहां संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित एक बैठक में प्रदेश के एकीकृत कार्ययोजना (आई.ए.पी.) वाले जिलो में ग्रामीण सड़कों, स्कूल ,एवं आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कोविशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिये हैं, ताकि इन जिलों में दूरदराज के क्षेत्र के रहने वाले हर व्यक्ति को विकासकी मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।
मुख्य सचिव आज यहां संभागायुक्त कार्यालय में बालाघाट, मण्डला, सिवनी, डिण्डौरी, उमरिया,अनूपपुर, सीधी, शहडोल और सिंगरौली, जिलों में इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान (आई.ए.पी.) के तहत हुये विकासकार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इसके पहले बैठक के पहले चरण में उन्होंने इन जिलो में कानून एवं व्यवस्था कीस्थिति की जानकारी भी ली।
मुख्य सचिव आज यहां संभागायुक्त कार्यालय में बालाघाट, मण्डला, सिवनी, डिण्डौरी, उमरिया,अनूपपुर, सीधी, शहडोल और सिंगरौली, जिलों में इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान (आई.ए.पी.) के तहत हुये विकासकार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इसके पहले बैठक के पहले चरण में उन्होंने इन जिलो में कानून एवं व्यवस्था कीस्थिति की जानकारी भी ली। बैठक में अपर मुख्य सचिव आर.परशुराम, प्रमुख सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी एस.आर. मोहंती,प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास अरूणा शर्मा, प्रमुख सचिव जल संसाधन, जबलपुर के संभागायुक्तडा. रवीन्द्र पस्तोर, रीवा कमिश्नर टी. धर्माराव, शहडोल कमिश्नर प्रदीप खरे, पुलिस महानिरीक्षक जबलपुरव्ही.मधुकुमार, पुलिस महानिरीक्षक रीवा एवं शहडोल, अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक , आई.ए.पी.के प्रमुखसलाहकार डी.एम. मित्रा, जबलपुर रीवा एवं शहडोल के उप पुलिस महानिरीक्षक, आई.ए.पी.में शामिल जिलो केकलेक्टर , पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य सचिव ने बैठक में आई.ए.पी. के अब तक हुये विकास कार्यों पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने इन जिलोंमें अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी जिलाकलेक्टरो को दिये। श्री वैश्य ने कहा कि समग्र विकास की इस कार्ययोजना में आई.ए.पी. मुख्य अंश के रूप मेंहोगा लेकिन इसके साथ शासन की तमाम योजनाओं को भी शामिल किया जाए ताकि जो कार्य आई.ए.पी.सेनहीं कराये जा सकते उन्हें विकास की दूसरी योजनाओं के तहत लिया जा सके।
मुख्य सचिव ने बैठक में मौजूद जबलपुर, रीवा और शहडोल के कमिश्श्नरों से आई.ए.पी. वाले जिलों केसमग्र विकास की बनने वाली कार्ययोजना पर निगरानी रखने को कहा है। श्री वैश्य ने बैठक में आई.ए.पी.वालेजिलों में ग्रामीण क्षेत्रों के रहवासियों को रोजगार मूलक कार्यों का प्रशिक्षण दिये जाने पर भी जोर दिया। उन्होंनेजिलों में इस दिशा में महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई एवं शिल्प निर्माण तथा शहद संग्रहण के दिये जा रहेप्रशिक्षण की तारीफ भी की।
मुख्य सचिव ने बैठक में आई.ए.पी.वाले जिलों में सड़कों के निर्माण में आने वाली कठिनाईयों को दूरकरने के लिए कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वन अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई।उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति प्राप्त करने के लिए इन अधिकारियों कोव्यक्तिगत रूचि लेनी होगी। मुख्य सचिव ने आई.ए.पी.वाले जिलो के वन ग्रामों में खाद्यान्न की सुगम आपूर्तिके लिए अधिक से अधिक वन समितियों को उचित मूल्य दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी देने के निर्देश भीदिये।
बैठक को अपर मुख्य सचिव आर.परशुराम , प्रमुख सचिव योजना एस.आर. मोहंती एवं प्रमुख सचिवअरूणा शर्मा ने भी संबोधित किया।
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अगरबत्ती निर्माण में शामिल महिलाओं से रू-ब-रू हुए प्रदेश के मुख्य सचिव
जबलपुर, 11 फरवरी, 2012
अगरबत्ती निर्माण के प्रशिक्षण उपरांत आप सभी आगरबत्ती बना रहे है, क्या इससे आप लोगों के जीवनस्तर में आर्थिक बदलाव आया है, कितनी मजदूरी मिलती है, यह कार्य कैसा लग रहा है, कितने घंटे काम करतीहै, क्या आपको इस कार्य हेतु मशीने मुहैया कराई जाये तो काम करना पसंद करेगी। इस तरह की बाते आजप्रात: प्रदेश के मुख्य सचिव अवनि वैश्य धनवंतरी नगर में स्व-सहायता समूहों के रिफ्रेशर कोर्स के दौरानसमूह की महिलाओं से रू-ब-रू होकर चर्चा करते हुए कहीं। समूह की महिलाओं ने कार्य पर प्रसन्नता जताई ।इस मौके पर प्रदेश के अपर मुख्य सचिवआर.परशुराम, प्रमुख सचिव योजना आर्थिक और सांख्यिकी एस.आर.मोहन्ती, संभागायुक्त डॉ. रवीन्द्र पस्तोर, कलेक्टर मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अवनि वैश्य ने कहा समूहों को अगरबत्ती निर्माण हेतु मशीनें मुहैया कराई जाये इससे वे सभी और अधिक कार्य करने में सक्षम होगी। उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन के साथ शैक्षणिक वस्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा आगरबत्ती उत्पाद मेंकोयले के बुरादे से महिलाओं को स्वास्थ्य में कोई परेशानी तो नहीं होगी, स्वास्थ्य विशेषाज्ञों से जांच करा लीजाये। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य बीमा आदि के संबंध में चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दियें। मुख्यसचिव ने कहा मशीनों से उत्पादन करने पर बांस काड़ी मशीन द्वारा तैयार होती है, उसकी उपलब्धता सुनिश्चितकी जाये, के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर संभागायुक्त डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने बताया बाल सागर विस्थापित परिवार और अन्यपरिवारों की लगभग 900 महिलाओं को अगरबत्ती निर्माण की ट्रेनिंग शहरी विकास अभिकरण के माध्यम सेदिलाई गई। ओर ये महिलाएं स्व-सहायता समूहों के रूप में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। यूसुफ भाई (घीवाले) इन्हें कच्चा उत्पाद मुहैया करा रहे है और तैयार माल भी इनसे ले रहे है। लगभग 6 माह में लगभग 10लाख रूपये पारिश्रमिक इन महिलाओं को भुगतान हुआ है। डॉ. पस्तोर ने यह भी बताया ठेकेदार के माध्यम सेसामग्री दी जाती है और सभी महिलाएं घर में अन्य कार्यों के साथ अगरबत्ती निर्माण कर रही है। इन समूहों कायहां कार्य बेहतर तरीके से संपादित करने रिफेसर कोर्स कराया जा रहा है।
संभागायुक्त डॉ. रवीन्द्र पस्तोर ने यह भी बताया इन समूहों को भविष्य में पापड़ बड़ी, अचार विध्यावेंली और ग्रामीण ब्रांड के नाम से उत्पाद तैयार करने की कार्ययोजना है। उन्होंने कहा अगरबत्ती के साथ अन्य उत्पादों में इन समूहों को जोड़ा जायेगा। डॉ. पस्तोर ने कहा पूर्व में एस.जी.एस.वाय के तहत प्रशिक्षण दियाजाता था पर यहां समूहों को प्रशिक्षण के साथ ही उत्पादन से जोड़ा गया है। यह भी बताया गया युसूफ भाईजिनके द्वारा कच्चा माल दिया और खरीदा जाता है अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन स्वरूपइनसेंटिव दिया जा रहा है। सभी महिलाओं के कार्ड भी बनाये गये है। मुख्य सचिव ने महिलाओं से चर्चा करनेके उपरांत जाते हुए कहा बहुत अच्छा कार्य हुआ है बधाई ।
पांवर पाइंट प्रजेटेशन:-
इस दौरान शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी परमेश जलोटे द्वारा पावर पाइंट प्रजेंटेशन केमाध्यम से मशीनों के माध्यम से आगरबत्ती निर्माण अदि को प्रर्दशित किया गया है। यह मशीन चैन्नई कीफर्म ने बनाया है। मशीन से उत्पादन अधिक होगा जिससे इन महिलाओं को अधिक आय होगी। यह भी बतायागया समूहों की महिलाओं को बैंकों के माध्यम से प्रकरण बनवाकर लाभान्वित किये जाने की कार्य योजना है।
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मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य ने आज यहां मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिससुशील हरकौली से सौजन्य भेंट की। मुख्य सचिव आज सुबह 11.30 बजे जस्टिस हरकौली के पचपेढ़ी स्थितनिवास पहुँचे थे । उनके साथ अपर मुख्य सचिव आर.परशुराम, प्रमुख सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकीएस.आर.मोहंती भी थे। साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव अवनि वैश्य ने आज अपने जबलपुर प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्रीईश्वरदास रोहाणी से उनके पचपेढी स्थित निवास पर भेंट की। इस दौरान उनके साथ अपर मुख्य सचिवआर.परशुराम भी मौजूद थे।


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